हाड़ौती पत्रिका
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शुक्रवार, 14 नवंबर 2025
वंचित समाज का दीपावली स्नेह मिलन समारोह आयोजित
अंता विधानसभा उपचुनाव में प्रमोद जैन भाया जीते
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| प्रमोद जैन भाया |
शुक्रवार, 5 सितंबर 2025
मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के विख्यात शिक्षाविद प्रो.बीएल वर्मा को वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के कुलगुरू के पद पर नियुक्त किया।
राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति, हरिभाऊ बागडे ने राज्य सरकार के परामर्श से विख्यात शिक्षाविद प्रो.बीएल वर्मा. डीन एवं संकाय अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, व्यवसाय प्रशासन विभाग, मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालयए उदयपुर को वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा के कुलगुरू के पद पर नियुक्त किया। वर्तमान में प्रो. वर्मा एमएलएसयू में व्यावसायिक प्रशासन विभागाध्यक्ष, अधिष्ठाता डीन, वाणिज्य महाविद्यालय के रूप में कार्यरत हैं।

नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने कहा कि
वीएमओयू को देश का शीर्ष मुक्त विश्वविद्यालयों में शामिल करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उनका प्रयास रहेगा कि जन-जन तक एवं समाज के अंतिम छोर तक मुक्त शिक्षा को पहुंचा कर राजस्थान प्रदेश को मुक्त शिक्षा के परिदृश्य में सशक्त किया जा सके।
प्रोफेसर बी.एल. वर्मा का जन्म 2 अगस्त 1967 को हुआ। वे एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और प्रशासक हैं, जो मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट स्टडीज़ (UCCMS) के बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग से संबद्ध हैं। उन्होंने 24 जनवरी 1997 को इस विभाग में योगदान दिया। प्रो. वर्मा ने एम.कॉम., एम.फिल. और पीएच.डी. की उपाधियाँ प्राप्त की हैं और NET, SLET तथा JRF की परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद से फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) भी पूर्ण किया है।
अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे वर्तमान में व्यावसायिक प्रशासन विभागाध्यक्ष, अधिष्ठाता (डीन), वाणिज्य महाविद्यालय, के रूप में कार्यरत हैं। पूर्व में वे कॉमर्स कॉलेज के डीन, फैकल्टी ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभागाध्यक्ष, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य, सेल्फ-फाइनेंस एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य सचिव, विदेशी मामलों के निदेशक (Director of Foreign Affairs) तथा एप्रेंटिस एम्बेडेड प्रोग्राम्स के नोडल अधिकारी (Nodal Officer for Apprentice Embedded Programs) जैसे पदों पर रह चुके हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में नेतृत्व किया है, जैसे कि MHRM और मास्टर ऑफ रिटेल मैनेजमेंट के कोर्स डायरेक्टर, BBA, B.Com (Hons) तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के समन्वयक, और हाल ही में रीसर्च एंट्रेंस टेस्ट (RET) 2024 के समन्वयक भी रहे हैं। वे विश्वविद्यालय के मुख्य प्रॉक्टर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) तथा 'एडॉप्ट-अ-विलेज' प्रोजेक्ट (धार कैलाशपुरी) के नोडल अधिकारी भी रह चुके हैं।
विश्वविद्यालय स्तर पर उन्होंने अनुशासन समिति, आंतरिक शिकायत समिति (महिला अध्ययन केंद्र), दीक्षांत समारोह 2020 की अनुशासन समिति, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी समिति (2018–2020) में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद, ग्रेस कमेटी (2017–18) में कुलपति द्वारा नामित सदस्य रहे हैं और अन्य विश्वविद्यालयों जैसे MDS विश्वविद्यालय, अजमेर तथा गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा के बोर्ड ऑफ स्टडीज में बाह्य विशेषज्ञ भी रहे हैं।
कॉलेज स्तर पर भी वे प्रवेश समिति, छात्र सहायता समिति, कैंटीन और साइकिल स्टैंड समिति जैसे कार्यों में जुड़े रहे हैं। 2007 में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी "Diversity Management – HR Practices" के आयोजन सचिव के रूप में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। शोध और प्रकाशन के क्षेत्र में प्रो. वर्मा ने 25 राष्ट्रीय और 10 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, कई पुस्तकों में अध्याय लेखन किया है और अब तक दो पुस्तकें प्रकाशित की हैं, जबकि वर्ष 2025 में उनकी चार और पुस्तकें प्रकाशित हुईं: प्रिंसिपल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, बिजनेस रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, मार्केटिंग मैनेजमेंट और कंपनी लॉ एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस। उन्होंने अब तक 3 एम.फिल. और 16 पीएच.डी. शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है, जिनमें दो अंतरराष्ट्रीय शोधार्थी भी शामिल हैं। वर्तमान में 3 शोध प्रबंध जमा किए जा चुके हैं और 8 शोधार्थी पंजीकृत हैं।
प्रो. वर्मा ने यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान, MLSU और IIM अहमदाबाद जैसे संस्थानों से कई ओरिएंटेशन और रिफ्रेशर कोर्स भी किए हैं। अन्य जिम्मेदारियों में वे NSS अधिकारी, ADSW, BTTM प्रोग्राम के संयोजक, भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के बाह्य विशेषज्ञ, SC/ST सेल, ISTD तथा अखिल भारतीय वाणिज्य संघ (All India Commerce Association) के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं।
सोमवार, 4 अगस्त 2025
प्रजापति समाज का जिला स्तरीय सप्तम प्रतिभा सम्मान समारोह
संस्थान के अध्यक्ष दिलीप प्रजापति ने अतिथियों का साफा बंधाकर स्वागत किया एवं गुलदस्ता भेंट किया। कार्यक्रम में प्रतिभाओं को मंत्री जोराराम कुमावत एवं सांसद दुष्यंत, पूर्व विधायक नरेन्द्र नागर एवं उपखण्ड अधिकारी विकास जी प्रजापति ने सम्मानित किया। अतिथियों ने समाज की प्रतिभाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्ररित किया।
कार्यक्रम में प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र मय फ्रेमिंग के तथा स्मृति चिन्ह देकर अतिथियों ने सम्मानित किया। सम्मान पाकर प्रतिभाओं के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में जिले के सभी क्षेत्रों से समाज की विभिन्न समितियों के पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रहलाद कुमार प्रजापति ने किया एवं हरिशंकर प्रजापति ने आभार व्यक्त किया।
बुधवार, 11 जून 2025
IPS डॉ.रवि प्रकाश मेहरडा को राजस्थान के पुलिस महानिदेशक DGP का अतिरिक्त चार्ज
राजस्थान सरकार ने IPS डॉ.रवि प्रकाश मेहरड़ा को DGP का अतिरिक्त चार्ज दे दिया है. वह ACB के DG पद को भी संभाल रहे हैं. हाल ही में उन्हें एसीबी के डीजी पद पर नियुक्त किया गया था.
हाड़ौती पत्रिका
जयपुर। राजस्थान सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा को राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। यह आदेश मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर कार्मिक विभाग द्वारा जारी किया गया।
डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा वर्तमान में एसीबी के डीजी पद पर कार्यरत हैं और भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते हैं। अब उन्हें राजस्थान पुलिस के शीर्ष पद का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।
इससे पहले नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों की चर्चा चल रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार ने यह जिम्मेदारी फिलहाल डॉ. मेहरड़ा को सौंपी है। यह जिम्मेदारी उन्हें तब तक सौंपी गई है जब तक राज्य सरकार स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं कर देती।
डॉ. मेहरड़ा 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उनके पास प्रशासनिक और जांच एजेंसियों में वर्षों का अनुभव है। राज्य सरकार के इस निर्णय को एक संतुलित और अनुभव आधारित चयन के रूप में देखा जा रहा है।
गुरुवार, 5 जून 2025
संत आत्माराम लक्ष्य के पैनोरमा का होगा निर्माण - मुख्यमन्त्री
अखिल भारतीय रेगर महासभा का प्रतिनिधि सम्मेलन
युवा पीढ़ी संतों के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रीय विकास के मार्ग पर चल सकेंगे
. बिरला.ऑडोटोरियम में मंचासीन अतिथि 
रैगर समाज के संत आत्माराम लक्ष्य के पैनोरमा का होगा निर्माण - मुख्यमंत्री
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तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते सीएम
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रेगर समाज के राजनीतिक क्षेत्र में पिछड़ने पर सांसद योगेंद्र चाँदोलिया ने जताई चिंता ।
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रेगर समाज को शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में भागीदारी निभानी होगी।
विधायक रामसहाय वर्मा ने कहा कि रेगर समाज को और क्षेत्र में भी भागीदारी निभानी होगी तभी समाज का भला हो सकता है। अखिल भारतीय रेगर महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष बी एल नवल ने कहा कि राजस्थान में रैगर समाज की आबादी 30 लाख से अधिक है। रेगर समाज के युवाओं को रोजगार से जोडे । इसके लिए सरकार को विशेष योजना तैयार करना चाहिए । युवाओं में संस्कार का अभाव आया है इस पर भी चिंतन मनन करने की आवश्यकता है ।
भीलवाडा रायला के काँग्रेस प्रत्याक्षी नरेन्द्र कुमार रेगर ने भी समाज को संबोधित करते हुए बताया की समाज की कुरीतियाँ त्यागने से ही समाज की प्रगति संभव है । राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए समाज का शिक्षित होना जरूरी है ।
समाज बंधुओ के लिए भोजन व्यवस्था करने वाले सांगानेर निवासी भामाशाह नाथूलाल बेरवाल व मनभर देवी बेरवाल दंपति एंव समाज के नव चयनित आईएएस का भी महासभा द्वारा सम्मान किया ।
इस दौरान पूर्व राज्य मन्त्री विकेश खोलिया पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर एस के मोहनपुरिया, समारोह संयोजक राम अवतार कुलदीप, सह संयोजक डॉक्टर एस एन धौलपुरिया मौजूद रहे। रैगर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामावतार कुलदीप ने कार्यक्रम में पधारे रैगर समाज के लोगों का आभार प्रकट किया । कार्यक्रम का संचालन रैगर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव बद्रीनारायण झिंगोनिया द्वारा किया गया
चांदी की मोजड़ी रही आकर्षण का केंद्र
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जोधपुर शहर रैगर समाज के शिल्पकार फुलवारी बंधुओ ने चांदी के तार से सिली हुई जोधपुर की प्रसिद्ध मोजड़ी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भेंट कर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी कला और समाज का परंपरागत कार्य का प्रदर्शन किया । हालांकि मुख्य मन्त्री ने जूतियों को स्वीकार कर वापस कर दी
रेगर समाज के पेनोरमा का श्रैय लेने की मची होड ।
रेगर महासभा में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीताराम मोर्य ने मुख्य मन्त्री द्वारा पेनोरमा निर्माण की घोषणा करने पर आपत्ति जताते हुए बताया की गहलोत सरकार द्वारा रैगर समाज को पेनोरमा स्वीकृत किया जा चुका था । जिसका वर्क ऑर्डर भी तीन करोड़, तीन लाख, पचीस हज़ार, चार सों छियत्तर रूपये, चोतीस पैसे का जारी हो चुका था है । जबकि भाजपा सरकार ने तो अब तक पेनोरमा के कार्य को रोक रखा था । अब मुख्य मन्त्री भजनलाल शर्मा दुबारा पेनोरमा की घोषणा कर रहे है तो यहां समाज को गुमराह किया जा रहा । वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष की निष्क्रियता के कारण इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे इस पर आगे कुछ भी प्रगति नहीं हो सकी । मोर्य ने कहा की रेगर समाज को दिया कुछ नहीं बल्कि गुमराह किया जा रहा है। मंच संचालक एंव रैगर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव बद्रीनारायण झिंगोनिया ने मोर्य की आपत्ति का जवाब देते हुए कहा की गहलोत सरकार मे कार्यकाल पूरा होते समय अंत में की गई सभी घोषणाए सिर्फ चुनावी घोषणा थी। पेनोरमा तो अब बनेगा ।
रैगर महासभा के प्रतिनिधि सम्मेलन का बीजेपीकरण किया - लीलावती वर्मा (उदेनिया)
रैगर महासभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एंव राजस्थान प्रदेश काँग्रेस कमेटी की सचिव लीलावती वर्मा (उदेनिया) ने महासभा के कार्यक्रम का बीजेपीकरण करने का आरोप लगाया और कहा की काँग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओ को मंच पर स्थान नहीं दिया गया। जबकि पेनोरमा सहित रैगर समाज को सम्पूर्ण राजस्थान मे छात्रावास भूमि आवंटन, धर्मशालाएँ आदि के लिए भूमि काँग्रेस के द्वारा ही दी गई है । रैगर समाज को भाजपा की सरकारों मे कही पर भी भूमि आंवटन नहीं हुई है । मुख्यमन्त्री रैगर समाज के चर्मकला बोर्ड पर एक शब्द नहीं बोले । प्रतिनिधि सम्मेलन के बहाने रैगर समाज को गुमराह किया गया । रेगर समाज के कुछ नेताओ ने स्वयं की राजनीति चमकाने के लिए सामाजिक कार्यक्रम का बीजेपीकरण किया ।
लीलावती वर्मा (उदेनिया) - राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रैगर महासभा एंव सचिव राजस्थान प्रदेश काँग्रेस कमेटी
क्या लीलावती का आरोप सही है ?
अगर लीलावती का आरोप सही है तो फिर श्री गंगानगर से समाज की एक मात्र सत्ताधारी पार्टी की जिला प्रमुख कविता रेगर, पूर्व विधायक बाबूलाल सिंघाड़िया जैसे लोगों को कार्यक्रम में मौजूद होते हुए मंच नहीं देना भी समाज में चर्चा का विषय बना हुआ ।
रैगर महासभा के संविधान में संशोधन का हुआ अनुमोदन
अखिल भारतीय रैगर महासभा के संविधान मे संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है । जिसमे प्रस्ताव लिया गया है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के चुनाव के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव भी एक साथ होगा । महासभा का पदाधिकारी रैगर समाज में जन्मा व्यक्ति ही पद प्राप्त कर सकता है । इस तरह अन्य प्रस्ताव लिए गए है । कहा जा रहा है कि कोरम के अभाव मे संशोधन होना संभव नहीं है । अभी यह जानकारी रजिस्ट्रार ऑफिस से अनुमोदन व मूल्यांकन होने के बाद ही जानकारी देना संभव होगा ।
वंचित समाज का दीपावली स्नेह मिलन समारोह आयोजित
वंचित वर्ग को आगे बढाने का निरंतर कर रहे प्रयास : ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला हाडौती पत्रिका कोटा । वंचित वर्ग समाज समिति का दिवाली मि...
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अखिल भारतीय रेगर महासभा का प्रतिनिधि सम्मेलन युवा पीढ़ी संतों के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रीय विकास के मार्ग पर चल सकेंगे . बिर...
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राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति, हरिभाऊ बागडे ने राज्य सरकार के परामर्श से विख्यात शिक्षाविद प्रो.बीएल वर्मा. डीन एवं संकाय अध्यक्ष, विभा...
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प्रमोद जैन भाया हाडौती पत्रिका बारां । अंता विधानसभा उपचुनाव के तहत शुक्रवार को मतगणना के पश्चात कांग्रेस के प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया को ...





